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Saturday, August 17, 2019

मोहब्बत

मोहब्बत दो लोगों के बीच का नशा है,
जिसे पहले होश आया जाए, वो बेवफ़ा है।
-गुलज़ार

Thursday, August 8, 2019

मुक्क़दर

इतने बुरे तो न थे, जितने इलज़ाम लगाए लोगों ने,
कुछ मुक्क़दर बुरे थे, कुछ अपने दगा दे गए...!!

Friday, July 12, 2019

उम्मीदों के मीनार

न मैं गिरा और न मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे,
पर कुछ लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे।

उम्मीदों के मीनार

न मैं गिरा और न मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे,
पर कुछ लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे।

Tuesday, April 30, 2019

जलन

ग़ज़ब की धूप है मेरे शहर में,
फिर भी कुछ लोग धूप से नहीं मुझसे जलते है।

Thursday, April 18, 2019

बरसात

वो चाहती है सैलाब आये मोहब्बत का पल भर के लिए ही सही,

मैं चाहता हूँ रिम-झिम बरसात हो मगर उम्र भर के लिए ।

Monday, January 21, 2019

वजूद

मुझको मेरे वजूद की हद तक न जानिए,
बेहद हूँ, बेहिसाब हूँ, बेइन्तहा हूँ मैं….!!

Thursday, October 25, 2018

औकात

शाख से टूट जाए वो पत्ते नही है हम,
जाओ आंधियो से कह दो औकात में रहे..

Thursday, October 4, 2018

जख्म

जख्म कहां कहां से मिले है, छोड़ इन बातो को,
जिंदगी तु तो ये बता, सफर कितना बाकी है..

ताल्लुक़

ताल्लुक़ टूटने का, तुम किसी से ज़िक्र मत करना...!
मैं लोगों से ये कह दूंगा की, उन्हें फ़ुरसत नहीं मिलती...!

धड़कन

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर,
आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है…

Saturday, September 22, 2018

मंज़िल

गुमां तुमको कि रास्ता कट रहा है*,

यकीं मुझको कि मंज़िल खो रहे हो..

जज़्बात

जज़्बात का बहीखाता ना रखिए,

ये बेहिसाब ही अच्छे लगते हैं....!!!

Tuesday, August 7, 2018

हिस्से में

मेरे हर किस्से में , तुम आते हो....

फिर मेरे हिस्से में , क्यूं नहीं आते....!!

Friday, July 20, 2018

बारिश

हुनर क्या ग़ज़ब का था उसकी  बातों में,

उसने काग़ज़ पर बारिश लिखा
और हम यहाँ भीग गए...

Monday, July 16, 2018

भीगना

तेरा बरसना... होगा अचानक.... !!

मेरा भीगना कब से तय था....!!

Wednesday, July 11, 2018

क़ातिल

जान जब प्यारी थी,
तब दुश्मन हज़ारों थे..
अब मरने का शौक है तो क़ातिल नहीं मिलते.

Monday, July 9, 2018

चुभते हैं

टूटे तो बड़े चुभते हैं,

क्या काँच, क्या ख़्वाब, क्या रिश्ते..।

Friday, July 6, 2018

ज़िन्दगी

कोई सुलह करा दे ज़िन्दगी की उलझनों से,
बड़ी तलब लगी है आज मुस्कुराने की..

Saturday, June 2, 2018

सुकून

उन्हें कामयाबी में सुकून नजर आया
तो वो दौड़ते गए,
हमें सुकून में कामयाबी दिखी
तो हम ठहर गए...!