Monday, January 25, 2016

Money and Time

Spend your "Money"
on the things Money can buy

Spend your "Time"
on the things Money can’t buy

Monday, January 18, 2016

खुशी

हमें खुशी मिल गई भी तो कहाँ रखेंगे हम,
आँखों में हसरतें हैं और दिल में तुम ही तुम हो..

Sunday, January 17, 2016

बदल जाना

वहाँ तक तो साथ चलो ,जहाँ तक साथ मुमकिन है,
जहाँ हालात बदल जाएँ , वहाँ तुम भी बदल जाना...

Saturday, January 16, 2016

इकरार

कर लो इकरार जब तक ''जिन्दा'' हूँ ,
फिर ना कहना,
चला गया पागल दिल मे यादे छोड़ कर.

Wednesday, January 13, 2016

आइना

यहाँ हर कोई रखता है खबर गैरो के गुनाहों की,
अजब फितरत हैं, कोई आइना नही रखता....

Stress

Stress is optional, not mandatory.

मजदूर

जिंदगी मजदूर हुई जा रही है..!!

और

लोग "साहब" कहकर ताने मार रहे हैं..!!

Saturday, December 19, 2015

वजह

वजह पूछने का तो मौका ही न मिला,
बस वो लहजा बदलते गए और हम अजनबी होते गए...

Wednesday, December 16, 2015

समंदर

हम समंदर हैं हमें खामोश रहने दो,
ज़रा मचल गये तो शहर ले डूबेंगे..

Saturday, December 12, 2015

Sorry

Sorry is not enough. Sometimes, you actually  have to change.

Opinion

Everything we hear is an opinion,  not a fact. Everything we see is a perspective, not the truth.
-Marcus Aurelius

Monday, November 30, 2015

जख्म

मेरी जख्मों पर उसने भी मरहम लगाया, ये कहकर....
जल्दी से ठीक हो जा,और भी जख्म देना बाकि है...

Wednesday, November 18, 2015

मुहब्बत

मुहब्बत रूह में उतरा हुआ मौसम है जनाब..
ताल्लुक कम कर देने से कम नही
होती..

झुकना

तुम झुकना सीखो हमेशा आँसमां बन के

ये जान लो कि

ज़मीन को उठने की आदत नही होती..

लफ्ज़

लफ्ज़ जब बरसते हैं बन कर बूँदें,
मौसम कोई भी हो मन भीग ही जाता है....

अदालत ईश्क

अदालत ईश्क की होगी, मुकदमा मोहब्बत पे चलेगा, गवाही मेरा दिल देगा और मुजरिम तेरा प्यार होगा..!!

मुहब्बत

मुहब्बत रूह में उतरा हुआ मौसम है जनाब..
ताल्लुक कम कर देने से कम नही
होती..

Monday, November 9, 2015

जिंदगी...

हल्की-फुल्की सी है जिंदगी...

बोझ तो ख्वाहिशों का है..!!

पत्थर

इस अजनबी शहर में
पत्थर कहाँ से आ लगा
गैरों की भीड़ में
कोई अपना जरूर है..