Sunday, February 12, 2017

फिर हुआ इश्क

बहुत थे मेरे भी इस दुनिया मेँ अपने,
फिर हुआ इश्क और हम लावारिस हो गए..!

Thursday, February 9, 2017

किरदार

किरदार शिद्दत से निभाइये ज़िन्दगी में,
कहानी एक दिन सभी को होना है.....!!

Sunday, December 18, 2016

आजमाइश

मुझे आजमाने वाले, हर शख्स तेरा शुक्रिया,
मेरी काबिलियत निखरी है, तेरी हर आजमाइश के बाद।।

Saturday, December 10, 2016

ख़ामोशी

मैं ख़ामोशी तेरे मन की तू अनकहा अल्फ़ाज़ मेरा..

मैं एक उलझा लम्हा हूँ तू रूठा सा हालात मेरा..

Monday, December 5, 2016

शहर तो और भी बहुत...

लगा कर आग शहर को
बादशाह ने ये कहा,
उठा है दिल में आज
तमाशे का शौक़ बहुत...

झुका के सर
शाहपरस्त सब बोल उठे,
हुज़ूर का शौक सलामत रहे
शहर तो और भी बहुत...

रास्ता

सीढ़िया उन्हे मुबारक हो... जिन्हे छत तक जाना है,
मेरी मन्जिल तो आसमान है... रास्ता मुझे खुद बनाना है.. !!!

Sunday, December 4, 2016

खुदकुशी

भूले हैं रफ्ता-रफ्ता उन्हें मुद्दतों में हम,
क़िश्तों में खुदकुशी का मज़ा हम से पूछिए !!

Friday, October 7, 2016

आशियाने

बनें भी तो कहाँ जनाब...

जमीनें महँगी हो चली हैं और दिल में लोग जगह नहीं देते..!!

Saturday, October 1, 2016

मीठी सी ठंडक

कुछ मीठी सी ठंडक है आज इन हवाओं में..
शायद...
तेरी यादों से भरा दराज़ खुला रह गया है..!

Thursday, September 22, 2016

रिश्ता

हम अपने रिश्तो के लिए
वक़्त नहीं निकाल सके,

फिर वक़्त ने
हमारे बीच से रिश्ता ही निकाल दिया..

Saturday, September 3, 2016

दुश्मनी

दुश्मनी जम कर करो,
पर इतनी गुंजाईश रहे,
कि फिर अगर हम दोस्त बन जाएं,
तो शर्मिंदा ना होना पड़े.

Monday, August 29, 2016

आइना

"यहाँ हर कोई रखता है
खबर गैरो के गुनाहों की
अजीब फितरत हैं
कोई आइना रखता नही है

Sunday, August 21, 2016

उलझनों

कोई सुलह करा दे जिदंगी की उलझनों से ;

बड़ी तलब लगी है आज मुस्कुराने की.

Friday, August 19, 2016

जागना

जागना भी कबूल हैं
तेरी यादों में रात भर,

तेरे एहसासों में जो सुकून है
वो नींद में कहाँ.

Look see

Two people can look the exact same thing & see something totally different.

Absence

If your absence doesn't affect them, then your presence never mattered either.

Thursday, August 11, 2016

Peace

Anything that costs you your peace is too expensive.

Tuesday, August 9, 2016

झूठ

सच को तमीज़ ही नहीं, बात करने की...!!!

झूठ को देखो,
कितना मीठा बोलता है..!!

तमाशे

कोई बेबस, कोई बेताब, कोई चुप, कोई हैरान.
ऐ ज़िन्दगी तेरी महफ़िल के तमाशे कभी ख़त्म नहीं होते !

Monday, August 8, 2016

तुम सी

कभी बेपनाह बरसी, तो कभी गुम सी हैं...
ये बारिशें भी कुछ कुछ तुम सी हैं..!!