एक उम्र वो थी कि जादू में भी यक़ीन था,
एक उम्र ये है कि हक़ीक़त पर भी शक़ है..
Quotes collection from everywhere, inform me of the author, I will give due credit
Wednesday, February 28, 2018
Tuesday, February 6, 2018
Sunday, February 4, 2018
अपने
फिर से सो जा ऐ दिल क्योंकि
धुन्ध बहुत है तेरे शहर में,
अपने दिखते नहीं हैं और
जो दिखते है वो अपने नहीं है.
Friday, January 26, 2018
Saturday, January 20, 2018
Saturday, January 13, 2018
Wednesday, December 27, 2017
Saturday, December 16, 2017
खुद में, खुद से,
*भीड़ में कहीं खो सी गयी, हस्ती हमारी है..,*
*खुद में, खुद से, खुद को, ढूँढने की जंग जारी है...*
Tuesday, December 12, 2017
Friday, December 8, 2017
Saturday, December 2, 2017
Sunday, November 19, 2017
Wednesday, November 1, 2017
Saturday, October 28, 2017
Tuesday, October 24, 2017
उम्र की ऐसी की तैसी..!
घर चाहे कैसा भी हो..
उसके एक कोने में..
खुलकर हंसने की जगह रखना..
सूरज कितना भी दूर हो..
उसको घर आने का रास्ता देना..
कभी कभी छत पर चढ़कर..
तारे अवश्य गिनना..
हो सके तो हाथ बढ़ा कर..
चाँद को छूने की कोशिश करना.
अगर हो लोगों से मिलना जुलना..
तो घर के पास पड़ोस ज़रूर रखना..
भीगने देना बारिश में..
उछल कूद भी करने देना..
हो सके तो
एक कागज़ की किश्ती चलाने देना..
कभी हो फुरसत, आसमान भी साफ हो..
तो एक पतंग आसमान में चढ़ाना..
हो सके तो एक छोटा सा पेंच भी लड़ाना..
घर के सामने रखना एक पेड़..
उस पर बैठे पक्षियों की बातें अवश्य सुनना..
घर चाहे कैसा भी हो..
घर के एक कोने में..
खुलकर हँसने की जगह रखना.
चाहे जिधर से गुज़रिये
मीठी सी हलचल मचा दिजिये,
उम्र का हरेक दौर मज़ेदार है
अपनी उम्र का मज़ा लिजिये.
ज़िंदा दिल रहिए जनाब,
ये चेहरे पे उदासी कैसी
वक्त तो बीत ही रहा है,
उम्र की ऐसी की तैसी..!